दिलों में आग का जलना ज़रूरी है ।
किसी की चाह में तपना ज़रूरी है ।।
तभी महकेगी अपने प्यार की दुनिया
गमों की भीड़ में हँसना ज़रूरी है ।।
विजय मिश्र "दानिश"
किसी की चाह में तपना ज़रूरी है ।।
तभी महकेगी अपने प्यार की दुनिया
गमों की भीड़ में हँसना ज़रूरी है ।।
विजय मिश्र "दानिश"
No comments:
Post a Comment